आज अखबार में एक ख़बर पढ़ी - अगर एक विवाहित पुरूष किसी पर-स्त्री से शारीरिक सम्बन्ध रखता है तो उसे सजा होगी, पर अगर एक विवाहित स्त्री किसी पर-पुरूष से शारीरिक सम्बन्ध रखती है तो उसे सजा नहीं होगी, इस केस में भी सजा पुरूष को ही होगी. आप माने या न माने हमारे देश में यह कानून है. इस कानून के अनुसार व्यभिचार का दोषी केवल पुरूष होता है स्त्री नहीं. अगर यह भी साबित कर दिया जाय कि स्त्री ने ही पुरूष को व्यभिचार में फंसाया, तो भी सजा पुरूष को ही मिलेगी.
सरकार इस कानून में बदलाव लाना चाहती है, पर महिला संगठन इस बदलाव के ख़िलाफ़ हैं.