दुःख का अनुभव किए बिना सुख का महत्व पता नहीं चलता. इस लिए दुःख से घबराना नहीं चाहिए. दुःख से सीखना चाहिए. समस्याओं के प्रति सकारात्मक द्रष्टिकोण रखने से अनेक समस्याएं आसानी से हल हो जाती हैं. मनुष्य को प्रकृति से सीखना चाहिए, उस से मुकाबला नहीं करना चाहिए. प्रकृति के नियमों का अनुसरण करके सुखी जीवन जिया जा सकता है.

Saturday, November 01, 2008

कुछ सही परिभाषाएं

बड़ा आदमी कौन है?
जो किसी को भी अपने से छोटा नहीं समझता.

दलित कौन है?
जो ख़ुद को दूसरों से बड़ा समझता है और उन का हक़ छीनकर उन पर अत्त्याचार करता है.

धर्मान्ध कौन है?
जो अपना धर्म तो नहीं समझता पर दूसरों के धर्म में गलतियाँ निकालता है.

नेता कौन है?
यह इस युग का रावण और कंस है.

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

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सुखी जीवन का रहस्य

दूसरों के सुख में सुखी होंगे तो आपका अपना जीवन सुखी होगा